
मुझे पिनाक नामक भारतीय भाषाई कंप्यूटिंग को समर्पित संस्था की स्थापना की सूचना देते हुए अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है. सस्था के पंजीकरण का कार्य जारी है परंतु आज अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर उसकी साइट का शुभारम्भ किया जा रहा है. कृपया “पिनाक” का स्वागत करें।
मैं दो घटनाओं के बारे में बताना चाहूँगा. कुछ माह पहले भारतीय भाषाओं पर एक सम्मेलन हुआ था. हिन्दी की वकालत में बोल रहे वक्ता (नाम लेना अनिवार्य नहीं है) का स्लाइड-शो अंग्रेजी में था. उन्होने यह भी खेद जताया की फलाने-फलाने लेखक पर आज विकिपिडिया में कोई लेख नहीं है. जाहिर है इन सब के लिए सरकार को जिम्मेदार माना गया।
वर्डप्रेस का हिन्दीकरण, जिसको फटाफट निपटा देने का दावा भी किया था, अभियान से मैं भी बहुत जोश से जुड़ा था. मुझे खेद है कि वह काम आज भी लटका पड़ा है।
यह दो घटनाएँ ऐसी है जिन पर विचार करते करते एक ऐसी संस्था की परिकल्पना ने आकार लिया जो न केवल वेब-अनुप्रयोगों का हिन्दी व हमारी अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद करे साथ ही विकि जैसे ज्ञानकोशों को भी भरने का काम भी करे. इसके अलावा आम जनता को इंटरनेट पर भारतीय भाषाओं के उपयोग के संबंध में शिक्षा भी दे।
ऑपन-सोर्स भारतीयों के लिए वरदान साबित होंगे ऐसा मेरा मानना रहा है. ऐसे में इनके विकास पर भी ध्यान देने की जरूरत है. फिलहाल ये सभी कार्य स्वयं-सेवक स्तर पर हो रहे है और हिन्दी भाषी रोजी-रोटी के चक्कर में या फिर जानकारी के अभाव में अथवा तो उदासीनता के चलते ऐसे कामों से जुड़ नहीं पाते/चाहते है।
इसका हल हमें ऐसी संस्था के रूप में मिला जो इन सभी कार्यों के लिए स्वयं सेवकों व विशेषज्ञों की सेवा लेकर उन्हे यथा सम्भव भुगतान करेगी. इसके लिए धन, “जो दे सकते है ऐसे व्यक्तियों” को इनका महत्त्व समझा कर अर्जित किया जाएगा।
स्वयं सेवकों व विशेषज्ञों की सेवा लेने से वेब पर भारतीय भाषाओं के अनुप्रयोगों की उपलब्धता तीव्रता से बढ़ेगी और विकि जैसे ज्ञानकोश पर भी हिन्दी सहित अन्य भाषाओं में जानकारी को तीव्रता से बढ़ा सकेंगे. हम सबका सपना भी तो यही है।
पिनाक एक पंजीकृत “सोसायटी” है (पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है). कोई भी व्यक्ति जिसे इस अभियान के प्रति निष्ठा है इसका सदस्य बन सकता है. सदस्यता शुल्क “स्वैच्छिक” या फिर कहें तो सांकेतिक है. आप इसके बिना भी सदस्य बन सकते है. अन्य जानकारी के लिए पिनाक की साइट देखें।
जोगलिखी-संजय बेंगाणी के ब्लॉग से साभार।






